October 2020

रऊफ़ खैर की रचनाएँ

अगर अनार में वो रौशनी नहीं भरता अगर अनार में वो रौशनी नहीं भरता तो ख़ाक-सार दम-ए-आगही नहीं भरता ये…

1 month ago

रउफ़ ‘रज़ा’ की रचनाएँ

हर मौसम में ख़ाली-पन की मजबूरी हो जाओगे हर मौसम में ख़ाली-पन की मजबूरी हो जाओगे इतना उस को याद…

1 month ago

रईसुदीन रईस की रचनाएँ

हवा नमनाक होती जा रही है हवा नमनाक होती जा रही है हवेली ख़ाक होती जा रही है दरीचा खोलते…

1 month ago

रईस सिद्दीक़ी की रचनाएँ

और कुछ तेज़ चलीं अब के हवाएँ शायद  और कुछ तेज़ चलीं अब के हवाएँ शायद घर बनाने की मिलीं…

1 month ago

रंजूर अज़ीमाबादी की रचनाएँ

देता है मुझ को चर्ख़-ए-कुहन बार बार दाग़  देता है मुझ को चर्ख़-ए-कुहन बार बार दाग़ उफ़ एक मेरा सीना…

1 month ago

रंजीता सिंह फ़लक की रचनाएँ

तुम्हारा इन्तज़ार कई प्रतिक्षाएँ होती हैं अन्धी अन्तहीन सुरँग-सी, जिनमें आँख की कोर से प्यार के मौसम में खिले ढेर…

1 month ago

रंजीत वर्मा की रचनाएँ

  नहीं देख पाऊंगा यह सच दिल्ली की सड़कें कितनी वीरान है यह मैंने जाना तुम्हारे जाने के बाद तुम…

1 month ago

रंजना सिंह ‘अंगवाणी बीहट की रचनाएँ

माँ शारदे वंदना  करती सदा, ये कामना, मन में बसे, ये भावना। करती रहूँ, माँ याचना। तेरी करूँ , मैं…

1 month ago

रंजना वर्मा की रचनाएँ

आप आयेंगें जान आयेगी आप आयेंगे जान आयेगी पंछियों में उड़ान आयेगी ये कलम आप की बदौलत ही ले के'…

1 month ago