अंजुम सलीमी

अंजुम सलीमी की रचनाएँ

आईना साफ़ था धुँधला हुआ रहता था मैं  आईना साफ़ था धुँधला हुआ रहता था मैं अपनी सोहबत में भी…

3 months ago