अना’ क़ासमी

‘अना’ क़ासमी की रचनाएँ

बाजुओ पर दिये परवाजे़ अना दी है मुझे बाजुओं-पर दिये परवाजे़ ‘अना दी है मुझे फिर ख़लाओं में नयी राह…

3 months ago