‘अमानत’ लखनवी

‘अमानत’ लखनवी की रचनाएँ

आग़ोश में जो जलवा-गर इक आग़ोश में जो जलवा-गर इक नाज़नीं हुआ अंगुश्तरी बना मेरा तन वो नगीं हुआ रौनक़-फ़ज़ा…

3 months ago