‘असअद’ भोपाली

‘असअद’ भोपाली की रचनाएँ

दो-जहाँ से मावरा हो जाएगा  दो-जहाँ से मावरा हो जाएगा जो तेरे ग़म में फ़ना हो जाएगा दर्द जब दिल…

2 months ago