ईशान पथिक

ईशान पथिक की रचनाएँ

आशा  पतझड़ की सूनी शाखों को नित है हरियाली की आशा, फिर से मानवता लौटेगी जोह रहा पथ "पथिक" उदासा|…

2 months ago