ऐतबार साज़िद

ऐतबार साज़िद की रचनाएँ

भीड़ है बर-सर-ए-बाज़ार कहीं और चलें  भीड़ है बर-सर-ए-बाज़ार कहीं और चलें आ मेरे दिल मेरे ग़म-ख़्वार कहीं और चलें…

2 months ago