कामी शाह

कामी शाह की रचनाएँ

अगर कार-ए-मोहब्बत में मोहब्बत रास आ जाती  अगर कार-ए-मोहब्बत में मोहब्बत रास आ जाती तुम्हारा हिज्र अच्छा था जो वसलत…

2 months ago