खलीलुर्रहमान आज़मी

खलीलुर्रहमान आज़मी की रचनाएँ

नश्शा-ए-मय के सिवा कितने नशे और भी हैं नश्शा-ए-मय के सिवा कितने नशे और भी हैं कुछ बहाने मेरे जीने…

2 months ago