जगदीश चतुर्वेदी

जगदीश चतुर्वेदी की रचनाएँ

समाधिस्थ गुम्बदों पर अन्धेरा ठहर गया है एक काली नदी बहती है अंतस्तल से निबिड़ अन्धकार में। कगारों पर पड़े…

6 months ago