महेश आलोक की रचनाएँ

चलो कुछ खेल जैसा खेलें चलो कुछ खेल जैसा खेलें थोड़ा- थोड़ा साहस थोड़ा- थोड़ा भय साथ-साथ रखें थोड़ा-थोड़ा अनुचित…

22 hours ago

महेन्द्र सिंह बेदी ‘सहर’ की रचनाएँ

आ रहे हैं मुझको समझाने बहुत आ रहे हैं मुझको समझाने बहुत अक़्ल वाले कम हैं दीवाने बहुत साक़िया हम…

22 hours ago

महेन्द्र भटनागर की रचनाएँ

वेदना ओढ़े कहाँ जाएँ वेदना ओढ़े कहाँ जाएँ! उठ रहीं लहरें अभोगे दर्द की! कैसे सहज बन मुस्कुराएँ!! रुँधा है…

23 hours ago

महेन्द्र गगन की रचनाएँ

क़ामयाबी 'हम होंगे क़ामयाब एक दिन’ यह ’एक दिन’ आशा के आकाश में टंगा वह छलावा है जिससे ठगे जा…

23 hours ago

महेंद्र नेह की रचनाएँ

ज़हर न जाने क्या-क्या हो रहा है इक्कीसवीं सदी में अप्रत्याशित, अकल्पित और अद्भुत्त मगर कुछ लोग हैं जो इक्कीसवीं…

23 hours ago

महेंद्र अग्रवाल की रचनाएँ

गम नहीं, गम नहीं, गम नहीं... गम नहीं, गम नहीं, गम नहीं ग़मज़दा आपसे , कम नहीं लफ़्ज़ बेशक बहुत…

23 hours ago

महावीर सरवर की रचनाएँ

गुम हुआ शहर गुम हुआ शहर हूं मैं लौटा दो मुझे ढूंढ़कर। मुझी को लौटा दो किसी तरह। चले गए…

1 day ago

महावीर शर्मा की रचनाएँ

ज़िन्दगी में प्यार का वादा निभाया ही कहाँ है ज़िन्दगी में प्यार का वादा निभाया ही कहाँ है नाम लेकर…

1 day ago

महावीर प्रसाद ‘मधुप’की रचनाएँ

साबरमती का संत देखी निज भारत की भारी दयनीय दशा, मर्म पे अचानक अचूक लगा नेज़ा था। प्यारी मातृभूमि को…

1 day ago

महावीर प्रसाद द्विवेदी की रचनाएँ

कोकिल कोकिल अति सुंदर चिड़िया है, सच कहते हैं, अति बढ़िया है। जिस रंगत के कुँवर कन्हाई, उसने भी वह…

1 day ago