मलिकज़ादा ‘मंजूर’

मलिकज़ादा ‘मंजूर’की रचनाएँ

अब ख़ून को मय क़ल्ब को पैमाना कहा जाए अब ख़ून को मय क़ल्ब को पैमाना कहा जाए इस दौर…

5 months ago