महेश मनमीत

महेश मनमीत की रचनाएँ

दोहे-1 बँटवारे का मामला, पहुँचा जब तहसील। अपने से लगने लगे, मुंशी और वकील॥ संगत पर मुझको दिखा, जब दुनियावी…

8 months ago