रऊफ़ खैर

रऊफ़ खैर की रचनाएँ

अगर अनार में वो रौशनी नहीं भरता अगर अनार में वो रौशनी नहीं भरता तो ख़ाक-सार दम-ए-आगही नहीं भरता ये…

1 month ago