राग़िब अख़्तर

राग़िब अख़्तर की रचनाएँ

बहुत दुश्वार है अब आईने से गुफ़्तुगू करना बहुत दुश्वार है अब आईने से गुफ़्तुगू करना सज़ा से कम नहीं…

4 weeks ago