रामप्रकाश ‘बेखुद’ लखनवी

रामप्रकाश ‘बेखुद’ लखनवी की रचनाएँ

हर तरफ़ जाले थे, बिल थे हर तरफ़ जाले थे, बिल थे, घों‍सले छ्प्पर में थे जाने कितने घर मेरे…

2 weeks ago