रामराजश्वरी देवी ‘नलिनी’

रामराजश्वरी देवी ‘नलिनी’ की रचनाएँ

साध मिटाने दो! साध मिटाने दो! आँसू की तरल तरंगों में आहों के कण बह जाने दो। उस क्षुब्ध अश्रु…

3 weeks ago