राशिद हामिदी

राशिद हामिदी की रचनाएँ

आँख खुली तो मुझ को ये इदराक हुआ आँख खुली तो मुझ को ये इदराक हुआ ख़्वाब-नगर का हर मंज़र…

3 weeks ago