लाल कवि

लाल कवि की रचनाएँ

छाये नभमंडल मैं, सलज सघन घन छाये नभमंडल मैं, सलज सघन घन, कारे पीरे श्वेत रंग, धारतै रहत हैं। 'लाल'…

1 month ago