श्रीप्रकाश मिश्र

श्रीप्रकाश मिश्र की रचनाएँ

पानी-1 जो पत्ते की नोक से सरककर कंकड़ में छेद करता है खो जाता है रेत में रेत के गर्भ…

3 months ago