श्याम निर्मम

श्याम निर्मम की रचनाएँ

कण्ठ सभी भर्राए आँखों में सपनों की भरी नदी सूख गई, और हमें मरुथल के संग-संग बहना है। गढ़ते वक्तव्य…

2 months ago