सआदत यार ख़ाँ रंगीन

सआदत यार ख़ाँ रंगीन की रचनाएँ

अब मेरी दो-गाना को मिरा ध्यान है क्या ख़ाक अब मेरी दो-गाना को मिरा ध्यान है क्या ख़ाक इंसान की…

2 months ago