सईददुद्दीन

सईददुद्दीन की रचनाएँ

अलग अलग इकाइयां सुब्ह से मैं उस घड़ी की टिक टिक सुन रहा हूँ जो दीवार से अचानक ग़ाएब हो…

2 months ago