सज्जाद बाक़र रिज़वी

सज्जाद बाक़र रिज़वी की रचनाएँ

ग़ज़लें अपने जीने को क्या पूछो सुब्ह भी गोया रात रही  अपने जीने को क्या पूछो सुब्ह भी गोया रात…

2 months ago