सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’

सतीश शुक्ला ‘रक़ीब’ की रचनाएँ

वो जुदा हो के रह न पाया है वो जुदा हो के रह न पाया है रूठकर खुद मुझे मनाया…

2 months ago