सत्यपाल आनंद

सत्यपाल आनंद की रचनाएँ

अगला सफ़र तवील नहीं वो दिन भी आए हैं उस की सियाह ज़ुल्फ़ों में कपास खिलने लगी है, झलकती चाँदी…

2 months ago