सत्येन्द्र श्रीवास्तव

सत्येन्द्र श्रीवास्तव की रचनाएँ

यह घड़ी सामने जो बुत बनी-सी चुप खड़ी है वह परीक्षण की घड़ी है डेस्क पर रक्खे पड़े हैं कई…

2 months ago