सत्य प्रकाश कुलश्रेष्ठ

सत्य प्रकाश कुलश्रेष्ठ की रचनाएँ

साग पकाया बंदर गया खेत में भाग, चुट्टर-मुट्टर तोड़ा साग। आग जला कर चट्टर-मट्टर, साग पकाया खद्दर-बद्दर। सापड़-सूपड़ खाया खूब,…

2 months ago