सफ़ी लखनवी

सफ़ी लखनवी की रचनाएँ

तालिबे-दीद पर आँच आये यह मंज़ूर नहीं  तालिबे-दीद पर आँच आए यह मंज़ूर नहीं। दिल में है वरना वो बिजली…

2 months ago