सय्यद ज़मीर जाफ़री

सय्यद ज़मीर जाफ़री की रचनाएँ

अगर हम दश्त-ए-जुनूँ में न ग़ज़ल-ख़्वाँ होते अगर हम दश्त-ए-जुनूँ में न ग़ज़ल-ख़्वाँ होते शहर होते भी तो आवाज़ के…

2 months ago