सविता सिंह

सविता सिंह की रचनाएँ

दर्पण-सी हँसी  एक हँसी दर्पण-सी अपने होठों पर रख ली थी उसने जिसमें देवताओं ने देखे अपने दुख जिसमें कितने…

1 month ago