सहजोबाई

सहजोबाई की रचनाएँ

सखी री आज जनमे लीला-धारी सखी री आज जनमे लीला-धारी।तिमिर भजैगो भक्ति खिड़ैगी, पारायन नर नारी॥दरसन करतै आनँद उपजै, नाम…

2 months ago