सिराज अजमली

सिराज अजमली की रचनाएँ

ब-ज़ाहिर जो नज़र आते हो तुम मसरूर ऐसा कैसे करते हो ब-ज़ाहिर जो नज़र आते हो तुम मसरूर ऐसा कैसे…

1 month ago