सीताराम गुप्त

सीताराम गुप्त की रचनाएँ

दल बदलू हवाएँ जो पहले लू बन चलती थीं, वे अब बर्फीली कहलाएँ। दल-बदलू हो गई हवाएँ! सिर्फ हवा क्या,…

2 months ago