सुदेश कुमार मेहर

सुदेश कुमार मेहर की रचनाएँ

काश मैं जब तनहा सा रोता हूँ लिपटकर शब के सीने से बिखरने लगते हैं ये अश्क आँखों से करीने…

1 month ago