सुनीता शानू

सुनीता शानू की रचनाएँ

मन पखेरु उड़ चला फिर नेह की नजरों से मुझको ऐसे देखा आपने। मन-पखेरु उड़ चला फिर आसमां को नापने।…

1 month ago