हरिकृष्ण देवसरे

हरिकृष्ण देवसरे की रचनाएँ

कविवर तोंदूराम कविवर तोंदूराम बुझक्कड़ कभी-कभी आ जाते हैं। खड़ी निरंतर रहती चोटी, आँखें धँसी मिचमिची छोटी, नाक चायदानी की…

3 months ago