हसन ‘नईम’

हसन ‘नईम’ की रचनाएँ

ग़ज़लें ग़म से बिखरा न पैमाल हुआ ग़म से बिखरा न पैमाल हुआ मैं तो ग़म से ही बे-मिसाल हुआ…

3 months ago