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गीत चतुर्वेदी की रचनाएँ

उभयचर-1  चेस्वाव मिवोश और विष्णु खरे के लिए दुख भरा था तुममें दुख से भरा यह जग था इस जग…

2 months ago

गिरीष बिल्लोरे ‘मुकुल’ की रचनाएँ

तुम मेरे साथ तुम मेरे साथ एक दो क़दम चलने का अभिनय मत करो एक ही बिंदू पर खड़े-खड़े दूरियां…

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गिरीश पंकज की रचनाएँ

माँ सरस्वती जय, जय, जय हे माँ सरस्वती, तुमको आज निहार रहा हूँ । अपने हाथ पसार रहा हूँ ।।…

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गिरिराज कुवँरि की रचनाएँ

पद / 1 अद्भुत रचाय दियो खेल देखो अलबेली की बतियाँ। कहुँ जल कहुँ थल गिरि कहूँ कहूँ कहूँ वृक्ष…

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गिरिराज किराडू की रचनाएँ

सुखांत तुम यही करोगे अंत में मुझे दंड ख़ुद को पुरस्कार दोगे किंतु तुम्हारा किया यह अंत सिर्फ़ एक विरामचिन्ह…

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गिरिराजशरण अग्रवाल की रचनाएँ

आकांक्षा  मैं तुम्हारी आँखों में झाँकूँ और झाँकता ही रहूँ । मैं तुम्हारी आँखों की गहराई नापूँ और नापता ही…

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गिरिधर की रचनाएँ

लाठी में गुण बहुत हैं  लाठी में हैं गुण बहुत, सदा रखिये संग। गहरि नदी, नाली जहाँ, तहाँ बचावै अंग।।…

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गिरिधर शर्मा ‘नवरत्न’ की रचनाएँ

राष्ट्रीय गान जय जय जय जय हिन्दुस्तान जय जय जय जय हिन्दुस्तान महिमंडल में सबसे बढके हो तेरा सन्मान सौर…

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गिरिजादत्त शुक्ल ‘गिरिश’ की रचनाएँ

मैं न बनूँगा दादा जैसा क्या कहती है माँ, दादा के जितना बड़ा कभी हूँगा! जो हो अपने को, उन…

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गिरिजाकुमार माथुर की रचनाएँ

मेरे युवा-आम में नया बौर आया है  मेरे युवा-आम में नया बौर आया है ख़ुशबू बहुत है क्योंकि तुमने लगाया…

2 months ago