रामशंकर चंचल की रचनाएँ

हम बच्चे

आओ भीगें हर गंगे
हम बच्चे!
कुछ नंगे, कुछ अधनंगे
हम बच्चे!
शोर मचाते
हँसते-गाते,
बिना पंख के
नभ छू आते।
हमसे मत लेना पंगे
हम बच्चे!
कागज लाते
नाव बनाते,
पानी में-
उसको तैराते।
पानी बीच करें दंगे
हम बच्चे!

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