रमा तिवारी की रचनाएँ

दावत

चिड़िया चावल लेकर आई,
बिल्ली लाई दूध-मलाई।
चीनी लाए चूहे राजा,
और गिलहरी मेवे ताजा।
तोता लेकर आा दोने,
खीर पकाई खरगोशों ने।
सारे बैठे भूल अदावत,
मिल-जुल खाई सबने दावत।
कोयल ने छेड़ी कव्वाली,
बंदर लगा बजाने ताली।
और मोर ने नाच दिखाया,
भालू जी ने ढोल बजाया।

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