आज़ादी

त्रिपुरारि कुमार शर्मा की रचनाएँ

आज़ादी जुबां तुम काट लो या फिर लगा दो होंठ पर ताले मिरी आवाज़ पर कोई भी पहरा हो नहीं…

3 months ago