ग़ज़लें

शबाना यूसफ़ ग़ज़लें

है कोई दर्द मुसलसल रवाँ-दवाँ मुझ में है कोई दर्द मुसलसल रवाँ-दवाँ मुझ में बना लिया है उदासी ने इक…

3 months ago