घनश्याम चन्द्र गुप्त

घनश्याम चन्द्र गुप्त की रचनाएँ

तुम असीम रूप तुम्हारा, गंध तुम्हारी, मेरा तो बस स्पर्श मात्र है लक्ष्य तुम्हारा, प्राप्ति तुम्हारी, मेरा तो संघर्ष मात्र…

11 months ago