त्रिभुवन नाथ आज़ाद ‘सैनिक’

त्रिभुवन नाथ आज़ाद ‘सैनिक’ की रचनाएँ

विदेशी वस्त्र सितमगर की हस्ती मिटानी पड़ेगी, हमें अपनी करके दिखानी पड़ेगी। कभी उफ़ न लाएंगे अपनी जुबां पर, मुसीबत…

3 months ago