रचनाएँ

शाकिर खलीक की रचनाएँ

कब शौक़ मिरा जज़्बे से बाहर न हुआ था कब शौक़ मिरा जज़्बे से बाहर न हुआ था था कौन…

2 months ago

शहरयार की रचनाएँ

ख़्वाब का दर बंद है  मेरे लिए रात ने आज फ़राहम किया एक नया मर्हला । नींदों ने ख़ाली किया…

2 months ago

शहबाज़ ख्वाज़ा की रचनाएँ

इक ऐसा वक्त भी सहरा में आने वाला है इक ऐसा वक्त भी सहरा में आने वाला है कि रास्ता…

3 months ago

शहनाज़ नूर की रचनाएँ

हम-सफ़र ज़ीस्त का सूरज को बनाए रक्खा हम-सफ़र ज़ीस्त का सूरज को बनाए रक्खा अपने साए से ही क़द अपना…

3 months ago

शहनाज़ इमरानी की रचनाएँ

एक ऊब  घर, इत्मीनान, नींद और ख़्वाब सबके हिस्से में नहीं आते जैसे खाने की अच्छी चीज़ें सब को नसीब…

3 months ago

शशि पाधा की रचनाएँ

मन रे कोई गीत गा टूटे न विश्वास कोई घेरे न अवसाद कोई बाँधे न विराग कोई गीत गा -…

3 months ago

शशिकान्त गीते की रचनाएँ

गूलर के फूल कथित रामप्यारे ने देखे सपने में गूलर के फूल। स्वर्ण महल में पाया ख़ुद को रेशम के…

3 months ago

शरद रंजन शरद की रचनाएँ

इसी पृथ्वी पर इसी पृथ्वी पर इतने सारे जीव आदमी पशु-पक्षी कीट-पतंग जीवन के ढेर सारे रंग पृथ्वी पर ही…

3 months ago

शरद बिलौरे की रचनाएँ

हम आज़ाद हैं... सतरंगे पोस्टर चिपका दिए हैं हमने दुनिया के बाज़ार में कि हम आज़ाद हैं । हम चीख़…

3 months ago

शरद कोकास की रचनाएँ

अनकही वह कहता था वह सुनती थी जारी था एक खेल कहने सुनने का खेल में थी दो पर्चियाँ एक…

3 months ago