शंभूनाथ शेष

शंभूनाथ शेष की रचनाएँ

फूल और शूल  एक दिन जो बाग में जाना हुआ,दूर से ही महकती आई हवा!खिल रहे थे फूल रँगा-रंग के-केसरी…

3 months ago