शकील बदायूँनी की रचनाएँ

शकील बदायूँनी की रचनाएँ

सुब्ह का अफ़साना कहकर शाम से सुब्ह का अफ़साना कहकर शाम से खेलता हूं गर्दिशे-आय्याम[1]से उनकी याद उनकी तमन्ना, उनका…

3 months ago