शमीम जयपुरी

शमीम जयपुरी की रचनाएँ

दुनिया-ए-मोहब्बत में हम से हर अपना पराया छूट गया  दुनिया-ए-मोहब्बत में हम से हर अपना पराया छूट गया अब क्या…

1 year ago