शरद चन्द्र

शरद चन्द्र गौड़ की रचनाएँ

प्यासी इंद्रावती नीर विहीन इंद्रावती बहती है मेरे घर के तीर कभी छूता था उसका जल मेरे घर की चौखट…

3 months ago